लिँग बढाने के उपाय - Ling Ko Bada Karne Ke Upay

लिँग बढाने के उपाय - महिलाओ को बड़े और मोटे लिंग से ही संतुष्टि होती है। कुछ लोग छोटे और पतले लिंग के कारण औरत को कभी संतुष्ट नही कर पाते है। जिसका छोटा लिंग होता है, उनको अपनी मर्दानगी में कमी लगती है। उनके मन में डर बना रहता कि वो अपने पार्ट्नर को सेक्स से खुश कर सकते है या नही है। छोटे लिंग होने के कारण बहुत से लोग हीन भावना से ग्रसित हो जाते हैं।

लिँग बढाने के उपाय - Ling Ko Bada Karne Ke Upay :- 


क्या आप अपने लिंग को बड़ा करने के उपाय खोज रहे है, तो आप सही जगह है। हम आपको लिंग को बड़ा करने के कुछ उपाय बता रहे है।

1. लौंग का तेल :- 


अगर आपके पास लौंग का तेल है तो आप लिंग को मोटा और बड़ा कर सकते है। इसके लिए आपको ओलिव ऑयल में सुपारी को मिलाएँ। फिर इससे लिंग की मालिश करे। ध्यान रहे लिंग के अगले हिस्से की मालिश नही करनी है।

2. असगंधा, कूठ और शतावर :-




लिँग बढाने के लिए असगंधा, शतावर, कूठ, जटामांसी व् कटेहली के फल को 4 गुने दूध में मिला ले। फिर इससे लिंग की मालिश करे। इसको कुछ दिन करने से आपको खुद फ़र्क महसूस होगा।

3. मूसली का चूर्ण :- 



मूसली के चूर्ण को घी में मिला लें। फिर इस लेप को लिंग पर लगाएँ। इससे लिंग बड़ा हो जाता है।

4. तिल का तेल :- 




100 ग्राम तिल के तेल में 40 ग्राम लोंग को जला ले। फिर इससे लिंग की मालिश करने से बहुत लाभ होता है।

5. एरण्ड का तेल :- 




सबसे पहले एरण्ड के तेल में एरण्ड के पीसे बीजों के चूर्ण को पका ले। एरण्ड का तेल लिंग के लिए बहुत फयदेमंद होता है। इससे लिंग की मालिश रोज करे।

जानें बारिश के मौसम में क्या खाएं और क्या ना खाएं

क्या आप लोग जानते हैं बारिश के मौसम (मानसून सीजन) में क्‍या खाना चाहिए और क्‍या नहीं। बारिश के मौसम में बैक्टीरिया और विषाणुओं दूसरे मौसमों की अपेक्षा ज़्यादा होते है। बारिश के मौसम में खाने - पीने पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी है।



बारिश के मौसम में अक्सर हम जल्दी बीमार होते है। इस मौसम में बच्चों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। बारिश के मौसम में सर्दी, खांसी, जुकाम जैसी बीमारियां होना आम बात हो जाती है।

बीमारियां से बचना है तो इन बातों पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी है।


1. दही :-


दही की तासीर ठंडी होती है। बारिश के मौसम में दही नही खानी चाहिए। दही में प्रोटीन ज्‍यादा होता है जो पित्‍त बढ़ाती हैं। बारिश के मौसम में दही में बैक्टीरिया की संख्या ज्यादा हो जाती है।

2. बासी खाना :- 



बारिश के मौसम में बासी खाना नही खाना चाहिए। बारिश के मौसम में खाना जल्दी खराब हो जाता है। जिससे आप बीमार हो सकते हैं।

3. हरी पत्तेदार सब्जियां :- 


मॉनसून में हरी पत्तेदार सब्जियां का सेवन नही करना चाहिए। इनमें सेल्यूलोज होता है। जो ठीक तरह से पच नही पाता।

4. मसालेदार खाना :-



बारिश के मौसम में मसालेदार खाना खाने से बचना चाहिए। मसालेदार पकवान खाने से शरीर का तापमान और रक्तप्रवाह बढ़ने से खुजली और एलर्जी की समस्या हो सकती है।

5. कच्चा सलाद :- 



बारिश के मौसम में कच्चा सलाद खाने से बचना चाहिए। कच्चे सलाद में कीटाणु होते है। अगर खाना ही हो तो सलाद को स्टीम्ड करके खाएं।

शुगर में परहेज ~ शुगर के लक्षण ~ मधुमेह के लक्षण ~ डायबिटीज के लक्षण

शुगर क्या है। क्या आप जानते है? नही, तो हम आपको बताते है शुगर के बारे में। ज़रा ध्यान से पढ़ना कही शुगर आपको तो नही है। शुगर को मधुमेह, डायबिटीज भी कहते है। शुगर का दूसरा नाम धीमी मौत भी है। शुगर जिसको एक बार हो जाती है तो वो उसका पीछा नही छोड़ती है। ज्यादा मीठा खाने से शरीर में शुगर लेवल बढ़ जाता है जिसकी वजह से डायबिटीज जैसी बीमारी हो जाती है।

शुगर एक ख़तरनाक बीमारी है जो पहले 40 - 45 की उम्र के बाद होती थी परंतु आजकल ये बीमारी कम उम्र वालो को भी होने लगी है। शुगर खराब लाइफस्टाइल के कारण होती है जिसमे व्यक्ति को किडनी खराब, हृदय रोग, स्ट्रोक होने की परेशानी और आंखों को नुकसान होता है। डायबिटीज एक अनुवांशिक बीमारी हैं जिन बच्चो के माँ या पिता दोनो में से अगर किसी को भी डायबिटीज है तो उनके बच्चो को भी डायबिटीज होने का भय रहता है।


शुगर के लक्षण ~ मधुमेह के लक्षण ~ डायबिटीज के लक्षण ~ Sugar ke Lakshan ~ Diabetes Symptoms in Hindi :-


1. ज्यादा प्यास लगना :- शुगर में रोगी को ज़्यादा प्यास लगती है यह भी एक डायबिटीज होने का लक्षण है।

2. बार-बार पेशाब का आना :- डायबिटीज होने पर बार-बार पेशाब आता है। शरीर में ज्यादा मात्रा में शुगर जमा होने पर यह पेशाब के रास्ते से बाहर निकलती है।

3. आँखों की रौशनी कम होना :- डायबिटीज होने पर आँखों की रौशनी कम होने लगती है डायबिटीज का सीधा असर आंखों की रोशनी पर पड़ता है।

4. थकान और कमजोरी :- थोड़ा सा काम करने पर थकान और कमजोरी का महसूस होना यह डायबिटीज का संकेत हो सकता है। जब की आप ने भरपूर नींद ली है और आपको लग रहा की नींद पूरी नहीं हुई है।

5. जख्म देरी से भरना :- डायबिटीज होने पर आपका जख्म या घाव जल्दी नहीं भरता है। छोटी सी खरोंच भी धीरे-धीरे बडे़ घाव में बदल जाना।

6. बार - बार फोड़े-फुंसियां निकलना :- शरीर में बार-बार फोड़े फुंसियां का निकलना भी एक डायबिटीज का संकेत हो सकता है।

7. ज्यादा भूख लगना :- शुगर या डायबिटीज होने पर लोगो को ज्यादा भूख लगने लगती है।

8. वजन में कमी आना :- बिना किसी कारण के वजन कम होना भी एक डायबिटीज का संकेत हो सकता है।

9. गुप्तांगों पर खुजली वाले जख्म होना :- गुप्तांगों पर खुजली वाले जख्म होना भी डायबिटीज का संकेत हो सकता है।

10. मुंह सूखना :- डायबिटीज होने पर बार बार तेज प्यास लगती है और मुंह में सूखापन रहता है।

11. हाथ और पैर में चीटियां चलने जैसा महसूस होना :- हाथ और पैर में चीटियां चलने जैसा महसूस होना भी शुगर होने का संकेत है।

12. चिड़चिड़ापन :- पूरे दिन मूड चिड़चिड़ापन होना किसी काम में मन नही लगना।

13. चक्कर आना :- शरीर में थकान, कमजोरी का महसूस होना और चक्कर आना।

14. बालों का झड़ना :- ज़्यादा बालों का झड़ना भी डायबिटीज का होने के संकेत है

शुगर होने के बड़े कारण :- 


1. अनुवांशिकता :- डायबिटीज एक अनुवांशिक रोग हैं जिन व्यक्तियों के माता-पिता में से किसी एक को भी डायबिटीज है तो उनके बच्चो को भी डायबिटीज होने का खतरा रहता है।

2. नींद पूरी न होना :- आजकल की लाइफस्टाइल देर रात तक घूमना, देरी से सोना से डायबिटीज होने का खतरा रहता है।

3. कम पानी :- दिन में ज़्यादा से ज़्यादा पानी पीना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी ना रहे।

4. देर से खाना :- देर से खाना खाने से भोजन पच नही पाता है। जिससे शरीर में शुगर लेवल में बढ़ोतरी होती है।

5. मोटापा :- मोटापा बढ़ने से इन्सुलिन कम मात्रा बनता है जिससे शरीर में शुगर लेवल में बढ़ोतरी होती है।

6. ज्यादा दवाइयों के सेवन :- ज्यादा दवाइयों के सेवन से इन्सुलिन कम मात्रा में बनता है।

7. बहुत अधिक खाना :- बहुत अधिक खाना खाने से शरीर में फैट जमा होने लगता है। जिससे इंसुलिन प्रभावित होती हैं।

8. व्यायाम न करना :- व्यायाम न करने से धीरे - धीरे शरीर में शुगर का लेवल में बढ़ जाता है।

9. मीठा खाना :- ज्यादा मीठा खाने से शरीर में शुगर लेवल बढ़ जाता है जिसकी वजह से डायबिटीज जैसी बीमारी हो जाती है।

10. जंक फूड :- जंक फ़ूड या फ़ास्ट फ़ूड से शुगर होने की सम्भावना ज्यादा होती है. क्योकि इस तरह के खाने में वसा ज्यादा होती है।

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शराब पीने के फायदे और नुकसान

आजकल बहुत लोग शराब का सेवन करते हैं। शराब पीने के फायदे और नुकसान दोनो है। भारत में किसी भी देश की तुलना से ज़्यादा शराब पी जाती है। भारत में जो लोग ज़्यादा शराब पीते है उनहे लोग शराबी कहते है। उनको समाज में ज्यादातर बुरा समझा जाता है।

ज़्यादा शराब का सेवन सेहत के लिए बहुत हानिकारक होता है। शराब की लत जिसको लग जाती है उस व्यक्ति और उसके पूरे परिवार का जीवन खराब हो जाता है। लेकिन शराब पीने के कई फायदे भी होते हैं।




शराब पीने के फायदे और नुकसान - Sharab Pine ke Fayde Aur Nuksan :-


1. आयु कम होना :-  आजकल लोग कम आयु में ही शराब पीना सुरू कर देते है। जो लोग लिमिट से अधिक वाइन या बीयर पीते है उनकी आयु कम हो सकती है।

2. मौत का खतरा :- शराब सेहत के लिए बहुत हानिकारक है। शराब पीने से ब्रेन हैमरेज, दिल का दौरा से मौत होने का खतरा रहता है।

3. स्ट्रेस :- स्ट्रेस कम करने के लिए ज्यादातर लोग वोडका पीते हैं जिससे अच्छी नींद आती है। तो आप कभी - कभी स्ट्रेस कम करने के लिए बीयर या वोडका पी सकते है।

4. कम मात्रा :- शराब को कम मात्रा में पीना हृदय के लिए लाभदायक रहता है लेकिन अधिक मात्रा में यह स्वास्थय के लिए ज़्यादा नुकसानदायक होती है।

5. लीवर :- ज़्यादा मात्रा में बीयर या शराब आपके लीवर पर एफेक्ट डालती है इससे आपका लीवर खराब हो सकता है

6. पेट की बीमारियां :- ज़्यादा शराब पीने से पेट में भी प्राब्लम या बीमारियां हो सकती है।

7. वजन कम करना :- वाइन में हाई - एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। जो वजन कम करने में सहायक होते है। परंतु इसका उपयोग कम ही करना चाहिए।

8. हड्डियां मजबूत :- बीयर पीने से हड्डियां मजबूत होती है। बीयर में विटामिन बी, मैग्निशियम, केल्शियम होता है।

9. रम :- रम शरीर के लिए फ़ायदेमंद होती है रम पीने से सर्दी - खाँसी दूर होती है।

10. अलजाइमर :- शराब अलजाइमर के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद होती है यह दिमाग से टॉक्सिक चीजों को निकालने में मदद करती है

प्रेगनेंसी टेस्ट कब करे? - Pregnancy Test Kab Kare in Hindi

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बहुत सी महिलाओं को पता नही होता है कि प्रेगनेंसी टेस्ट कब और पीरियड के कितने दिन बाद करना चाहिए। अक्सर पीरियड मिस होने के बाद और पीरियड्स नहीं आने पर महिलाओं के दिमाग में सबसे पहला ख्याल आता है कि वो प्रेग्नेंट तो नही है।




अगर आपको ठीक परिणाम जानना है तो पीरियड मिस होने के 1 हफ्ते बाद टेस्ट करना चाहिए कि आप प्रेग्नेंट हो या नही। प्रेग्नेंसी टेस्ट आप घर पर भी कर सकते है और डॉक्टरों द्वारा भी करवा सकते है। प्रेग्नेंसी टेस्ट करने की 'प्रेग्नेंसी टेस्ट किट' आपको मेडिकल स्टोर पर मिल जाएगी। प्रेगनेंसी टेस्ट किट को इस्तेमाल जब करना चाहिए जब किसी लड़की या महिला का पीरियड नहीं आता है।

प्रेगनेंसी टेस्ट किट से आप घर बैठे ही पता लगा सकते है कि महिला गर्भवती है या नहीं। प्रेग्नेंट के कुछ लक्षण ये भी है - हैवी ब्रेस्ट, मितली आना और उल्टी होने जैसा लगना, सिर दर्द, बार-बार टॉयलेट जाना।

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